यूं ही कुछ दिनों में,
यह साल भी गुजर जायेगा।
सौगात के रूप में नया,
साल दस्तक ले आयेगा।
बीते साल की रह जायेगी,
तो वह होगी केवल यादे।
इसमंे कही सुखों तो कई,
दुखों की रह जायेगी बातें।
रामदेव, अन्ना का हुआ हो अनशन,
या कई घोटालों का खुलासा।
देश की अर्थव्यवस्था से लेकर,
राजनैतिक सभी जगह रही विवशता।
संसद कारावाई पहुंची सड़को तक,
तो देश की पक्ष- विपक्ष पार्टियों की,
आलोचना हुई हर गली- महौले पर।
इस साल कई मुद्दों और,
परेशानियों का हुआ है पर्दाफाश।
जनता सरकार से लगाये बैठी है आस,
अपनी परेशानियोे का मांग रही है हिसाब।
उम्मीद है, नया साल लाये ऐसी सौगात।
यह साल भी गुजर जायेगा।सौगात के रूप में नया,
साल दस्तक ले आयेगा।
बीते साल की रह जायेगी,
तो वह होगी केवल यादे।
इसमंे कही सुखों तो कई,
दुखों की रह जायेगी बातें।
रामदेव, अन्ना का हुआ हो अनशन,
या कई घोटालों का खुलासा।
देश की अर्थव्यवस्था से लेकर,
राजनैतिक सभी जगह रही विवशता।
संसद कारावाई पहुंची सड़को तक,
तो देश की पक्ष- विपक्ष पार्टियों की,
आलोचना हुई हर गली- महौले पर।
इस साल कई मुद्दों और,
परेशानियों का हुआ है पर्दाफाश।
जनता सरकार से लगाये बैठी है आस,
अपनी परेशानियोे का मांग रही है हिसाब।
उम्मीद है, नया साल लाये ऐसी सौगात।
