कहने को तो भारत की राष्ट्रभाषा है हिन्दी,
सबसे ज्यादा बोली, सुनी, जानने वाली भाषा है हिन्दी।
लेकिन देश के कुछ लोगों तक ही सीमित रह गयी है हिन्दी,
निरंतर विलुप्ती की कगार में जाती दिख रही है हिन्दी।
मानना होगा हमें इस बाॅलीबुड़ का शुक्रिया,
जिसने काफी हद तक बचाये रखी है हिन्दी की महत्ता।
संसद से न्यायलय या उच्च पदों पर आसीन देश के नेता,
सभी के दिलों जुवान में है अंग्रजी का बोलबाला।
आज देश की उच्च स्तरीय शिक्षा में अनिर्वायता है इंग्लिश,
इंग्लिश के अभाव में ही कई बार झेलनी पड़ जाती है मुश्किल।
सही मायने मे केवल इंग्लिश से ना हो आंकलन व्यक्ति का,
राष्ट्रभाषा से ही संवरेगा व्यक्तित्व देश के हर व्यक्ति का।
यदि देश में ही परिपक्व होती है हिन्दी की महत्ता,
विश्व स्तर पर स्थापित करने में सभी को होगी विवशता।
जाग कर हे भारत के युवा पहुंचाओं तुम इसे शिखर पर,
तभी होगा राष्ट्रहित और तुम्हारे कार्यो में प्रखरता।
सबसे ज्यादा बोली, सुनी, जानने वाली भाषा है हिन्दी।
लेकिन देश के कुछ लोगों तक ही सीमित रह गयी है हिन्दी,
निरंतर विलुप्ती की कगार में जाती दिख रही है हिन्दी।
मानना होगा हमें इस बाॅलीबुड़ का शुक्रिया,
जिसने काफी हद तक बचाये रखी है हिन्दी की महत्ता।
संसद से न्यायलय या उच्च पदों पर आसीन देश के नेता,
सभी के दिलों जुवान में है अंग्रजी का बोलबाला।
आज देश की उच्च स्तरीय शिक्षा में अनिर्वायता है इंग्लिश,
इंग्लिश के अभाव में ही कई बार झेलनी पड़ जाती है मुश्किल।
सही मायने मे केवल इंग्लिश से ना हो आंकलन व्यक्ति का,
राष्ट्रभाषा से ही संवरेगा व्यक्तित्व देश के हर व्यक्ति का।
यदि देश में ही परिपक्व होती है हिन्दी की महत्ता,
विश्व स्तर पर स्थापित करने में सभी को होगी विवशता।
जाग कर हे भारत के युवा पहुंचाओं तुम इसे शिखर पर,
तभी होगा राष्ट्रहित और तुम्हारे कार्यो में प्रखरता।
bahut sahi baatb hi wake for ur moter language
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